अच्छा क्रिकेटर कैसे बनें ? क्रिकेट में अपना करियर कैसे बनाएं ?

By | March 18, 2021

क्रिकेटर कैसे बनें – भारत में क्रिकेट का बहुत अधिक क्रेज है। पूरे विश्व में सबसे अधिक क्रिकेटर भारत में ही पैदा होते हैं क्योंकि भारत की जनसंख्या काफी अधिक है। यहाँ पर घरेलू क्रिकेट में लंबे ओवर प्रारूप में रणजी ट्रॉफी, ईरानी ट्रॉफी, लिस्ट-ए क्रिकेट में विजय हजारे ट्रॉफी, टी20 प्रारूप में सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफी और आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट कराए जाते हैं, जिसमें युवा खिलाड़ियों को भी खेलने का मौका मिलता है। आईपीएल ने युवाओं को क्रिकेट खेलने और सीखने की सबसे अधिक प्रेरणा दी है क्योंकि इसमें नाम और पैसा दोनों मिलता है। 

आईपीएल 2021 शेड्यूल (IPL 2021 Schedule): आईपीएल मैच की पूरी लिस्ट देखिए

आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी विश्व भर में प्रसिद्ध हो जाता है और जल्द ही उसे भारतीय सीनियर टीम में खेलने का मौका मिल जाता है। हालांकि भारतीय सीनियर टीम में सलेक्ट होने के लिए आपको रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी खेलना जरूरी है, लेकिन अगर आप ये दोनों टूर्नामेंट खेल चुके हैं तो आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करके आप राष्ट्रीय टीम तक का सफर तय कर सकते हैं। क्योंकि इस टूर्नामेंट में आप विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के सामने प्रदर्शन करते हैं।

क्रिकेटर कैसे बनें ?

अगर आपने बचपन से ही क्रिकेटर बनने की ठान ली है तो 8 वर्ष की उम्र से आप क्रिकेट शुरू कर सकते हैं। छोटे उम्र में ही क्रिकेट शुरू कर देने से आप बहुत सारे गुण जल्दी सीख सकते हैं और जल्द से जल्द बड़े टूर्नामेंट के सलेक्ट हो सकते हैं। भारत ही नहीं बल्कि  कई देशों के खिलाड़ियों ने 16-18 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय टीम तक का सफर तय किया है। सचिन तेंदुलकर, पार्थिव पटेल, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, वाशिंगटन सुंदर उनमें से प्रमुख हैं। नीचे हम आपको क्रिकेटर बनने के कुछ टिप्स देने जा रहे हैं।

क्रिकेटर बनने की आयु सीमा

क्रिकेटर बनने के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं होती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि मुम्बई के प्रवीण तांबे ने 41 वर्ष की उम्र में आईपीएल डेब्यू किया था। अभी उनकी उम्र लगभग 49 वर्ष है और वे विश्व के प्रमुख लीगों में खेलते नजर आते हैं। लेकिन अगर आप क्रिकेटर बनने की सोच रहे हैं तो आप जिस भी उम्र के हैं उसका कोई फर्क नहीं पड़ता है। भारत में कई ऐसी एकेडमी हैं जहाँ 8 वर्ष की उम्र से लेकर आगे तक के बच्चों को क्रिकेट ट्रेनिंग दी जाती है।

सही एकेडमी का चयन

अगर आप क्रिकेट सीख रहे हैं तो सही एकेडमी का चयन जरूर करें क्योंकि अगर आप किसी अच्छी एकेडमी में दाखिला लेंगे तो वहाँ पर अच्छी कोचिंग मिलेगी। अगर आप दिल्ली, मुम्बई, बड़ौदा की बड़ी एकेडमियों में एडमिशन लेते हैं और वहां से क्रिकेट सीखते हैं और खेलते हैं तो आपको अधिक फायदा होगा। क्योंकि इन जगहों के छोटे टूर्नामेंट में स्टेट टीम के चयनकर्ताओं की नजर रहती है। इसीलिए उस एकेडमी में एडमिशन लें जहाँ पर आपको फायदा अच्छा हो।

रेगुलर प्रैक्टिस जरूर करें

कहते हैं कि निरन्तर अभ्यास से कोई चीज आसान लगने लगती है। क्रिकेट में भी कुछ ऐसा ही होता है। इसीलिए आप निरंतर क्रिकेट खेलिए और अपनी गलतियों से सीख लीजिए। अगर आप कोई शॉट अच्छा नहीं खेल पा रहे हैं तो उस शॉट की बार-बार प्रैक्टिस कीजिए। अगर आप किसी गेंद पर आउट हो रहे हैं तो बार-बार उस कारण के बारे में सोचिए कि आप कैसे आउट हुए और अपनी गलती सुधारिए। 

घरेलू टूर्नामेंट में सम्मिलित हों

भारत में अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 लेवल के कई घरेलू टूर्नामेंट स्टेट बोर्ड्स द्वारा आयोजित की जाती है। आप जिस भी एज ग्रुप के हैं, उसमें सम्मिलित होइए। उसमें आपको अपने प्रदर्शन का पता चलेगा और सीखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा ICC द्वारा अंडर-19 वर्ल्ड कप का भी आयोजन किया जाता है। अगर आप स्टेट लेवल पर एज ग्रुप क्रिकेट में अच्छा करते हैं तो आपको आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने का भी मौका मिलेगा। इसके बाद रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफी जैसे कई टूर्नामेंट हैं जिसमें आप क्वालीफाई करके भाग ले सकते हैं।

क्रिकेट में करियर विकल्प

क्रिकेट में करियर के कई विकल्प हैं। आप गेंदबाज, बल्लेबाज और विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में अपना करियर बना सकते हैं। वर्तमान समय में बल्लेबाज के रूप में भारत में रोहित शर्मा, विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे केएल राहुल जैसे खिलाड़ी विश्व प्रसिद्ध हैं, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में एमएस धोनी, ऋषभ पंत, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे खिलाड़ी और गेंदबाज के रूप में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, रविचंद्रन अश्विन जैसे खिलाड़ी प्रसिद्ध हैं।

बल्लेबाज

आप बल्लेबाज के रूप में क्रिकेट करियर शुरू कर सकते हैं। किसी भी क्रिकेट मैच में बल्लेबाज की सख्त जरूरत होती है। इसके लिए आपके पास अच्छे क्लास की सबसे ज्यादा जरूरी होती है। आप दो प्रकार के बल्लेबाज बन सकते हैं क्लासिकल बल्लेबाज और हार्ड हिटर बल्लेबाज। छोटे प्रारूप में हार्ड हिटर और लंबे प्रारूप में क्लासिकल और डिफेंसिव बल्लेबाज की जरूरत पड़ती है। आप अपने अनुसार किसी एक का विकल्प चुन सकते हैं।

विकेटकीपर बल्लेबाज

इसके लिए आपके पास विकेटकीपिंग के गुणों के साथ-साथ बल्लेबाजी के अच्छे गुण चाहिए। किसी भी मैच में विकेटकीपर का भी बड़ा रोल होता है। वो विकेट के पीछे रहकर अपने गेंदबाजों को सलाह देता है साथ में अपने टीम के लिए महत्वपूर्ण कैचेज, स्टंपिंग्स और रन भी बचाता है। 

ऑलराउंडर

इसमें आपके पास बैटिंग ऑलराउंडर और बॉलिंग ऑलराउंडर दो प्रकार का विकल्प है। अगर आप बॉलिंग ऑलराउंडर हैं तो आप पूरे ओवर गेंदबाजी करेंगे और लोवर ऑर्डर में तेज बल्लेबाजी करेंगे। अक्सर बॉलिंग ऑलराउंडर हार्ड हिटर बल्लेबाज होता है। इसके अलावा बैटिंग ऑलराउंडर में आप एक पार्ट टाइम बॉलर होते हैं। यानी कप्तान जरूरत पड़ने पर आपको यूज करेगा लेकिन बल्लेबाजी पर आपका फोकस ज्यादे रहेगा। ऑस्ट्रेलिया में ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस और भारत में केदार जाधव और क्रुणाल पांड्या जैसे खिलाड़ी बैटिंग ऑलराउंडर हैं। शार्दुल ठाकुर को बॉलिंग ऑलराउंडर कहा जा सकता है क्योंकि वे नीचे आकर तेज बल्लेबाजी और पूरे ओवर गेंदबाजी करते हैं।

स्पिन गेंदबाज

गेंदबाज के रूप में आप स्पिनर का विकल्प भी चुन सकते हैं। एशियाई पिचों पर स्पिनर्स की डिमांड सबसे अधिक है। इसके अलावा विश्व भर में स्पिनर्स का काफी क्रेज है क्योंकि उनके गेंद टर्न कराने से कई बल्लेबाज चकमा खा जाते हैं और विकेट दे बैठते हैं। स्पिन गेंदबाजी में ऑफ स्पिनर और लेग स्पिनर होते हैं, उसमें भी कलाई स्पिनर और फिंगर स्पिनर होते हैं।

तेज गेंदबाज

अगर आप तेज गेंदबाजी करते हैं तो तेज गेंदबाज के रूप में भी अपना करियर बना सकते हैं। इसमें आपको स्लोअर, बाउंसर, यॉर्कर, नकल बॉल फेंकने के गुण सीखना जरूरी है। किसी भी पिच पर तेज गेंदबाज का अहम रोल होता है, क्योंकि वो शुरुआत और अंत के ओवर्स फेंकता है। विदेशी पिचों पर तेज गेंदबाज का अहम रोल होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.