HTTP और HTTPS में क्या अंतर है? जानिए पूरी जानकारी हिंदी में

By | January 2, 2021

HTTP और HTTPS में क्या अंतर है? जानिए पूरी जानकारी हिंदी में – नमस्कार दोस्तों मैं सौरव शर्मा आपका फिर से एक बार अपने इस ब्लॉगिंग वेबसाइट पर हार्दिक स्वागत करता हूं। आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से बात करने वाले है HTTP और HTTPS में क्या अंतर है? के बारे में।

अगर आप इंटरनेट यूज करते हैं तो आप जब कोई ब्लॉग या वेबसाइट ओपन करते हैं तो आपको वेबसाइट के यूआरएल में HTTP और HTTPS जरूर दिखाई देते होंगे। ऐसे में आपके मन में यह प्रश्न अवश्य आता होगा कि आखिरकार HTTP और HTTPS का मतलब क्या होता है। और इन दोनों में क्या डिफरेंस है। आप केवल इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ते रहिए हम आपके इस कंफ्यूजन को इस आर्टिकल के माध्यम से अवश्य दूर करेंगे।

अगर आप इंटरनेट यूज करते हैं तो आपको HTTP और HTTPS में क्या अंतर है? के बारे में अवश्य मालूम होगा। पर फिर भी आपको HTTP और HTTPS में अंतर के बारे में जानकारी नहीं है तो कोई बात नहीं। आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपकी इस समस्या का समाधान करने वाले हैं। हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से विस्तार से जानकारी देंगे की HTTP और HTTPS में क्या अंतर है?

HTTP क्या है ? ( What is HTTP in Hindi )

HTTP का फुल फॉर्म HyperText Transfer Protocol है। HTTP नेटवर्क प्रोटोकोल है जोकि World Wide Web में प्रयोग किया जाता है। अगर आपको प्रोटोकॉल का मतलब नहीं मालूम है तो हम आपको बता दें कि प्रोटोकॉल का मतलब होता है Set Of Rules जिसे वेब ब्राउज़र और सर्वर के बीच सूचनाओं का आदान प्रदान करने के लिए किया जाता है।

जब भी आपको इंटरनेट में किसी भी वेबसाइट यूआरएल के पहले HTTP लगा दिख जाए। तो इसका मतलब यह होता है कि वेब ब्राउज़र और सर्वर के बीच जो भी डाटा यानी कि फोटो वीडियो टेक्स्ट फाइल ट्रांसफर होगी वह सभी HTTP protocol के द्वारा निर्धारित किए गए नियमों के अंदर होंगी।

यहां पर आपकी जानकारी के लिए बताना बहुत जरूरी है कि HTTP Secure नहीं होता है। HTTP सरवर में अधिकतर डाटा का Hack होने का चांस बहुत अधिक होता है। क्योंकि इस सर्वर में यूज किए जाने वाला सभी डाटा unencrypted form फॉर्मेट मैं होता है जिसे कोई भी आसानी से समझ सकता है।

HTTPS क्या है ? ( What is HTTPS in Hindi )

HTTPS का फुल फॉर्म होता है HyperText Transfer Protocol Secured . HTTPS एक सिक्योर सर्वर होता है जिसको हैक करना बहुत ही मुश्किल है। क्योंकि इस सर्वर में SSL (Secured Socket Layer) सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मदद से वेब ब्राउज़र और सर्वर के बीच सभी डाटा encrypted form मैं ट्रांसफर होता है। जिसके कारण इस डेटा का हैक होना बहुत ही मुश्किल है।

आपकी जानकारी के लिए बता ना बहुत ही जरूरी है कि अगर किसी वेबसाइट के यूआरएल में HTTPS लगा दिखे। तो इसका मतलब यह है कि यह वेबसाइट बहुत ही सिक्योर है। इस वेबसाइट में ना तो कोई वायरस मिलेगा और ना ही कोई इस वेबसाइट को जल्दी से हैक कर सकता है। इस तरह की वेबसाइट बहुत ही सिक्योर वेबसाइट होती हैं। और इन वेबसाइट का डाटा भी बहुत ही सिक्योर होता है।

निष्कर्ष

दोस्तों हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से HTTP और HTTPS में क्या अंतर है? के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी है। मैं आशा करता हूं कि आप को इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद HTTP और HTTPS में क्या अंतर है? के बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त हो गई होगी।

दोस्तों अगर आप टेक्नोलॉजी के रिलेटेड ऐसे ही इंटरेस्टिंग टॉपिक पर और आर्टिकल पढ़ना चाहते हैं तो आप हमारे इस ब्लॉगिंग वेबसाइट को बुकमार्क अवश्य करें। क्योंकि हम इस वेबसाइट के माध्यम से आपके लिए रेगुलर टेक्नोलॉजी से रिलेटेड आर्टिकल पब्लिक करते रहते हैं।

 

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